Friday, 1 February 2013

कम समय में - ज्यादा काम - कैसे ? Smart Working

कम समय में - ज्यादा काम - कैसे ?

किसी जगह पर तेजू और धीरू, दो व्यक्ति रहते थे। दोनों ही लकडहारे थे, और जंगल में पेड़ काट कर अपनी कमाई करतें थे।

दोनों की उम्र बराबर थी, और दोनों ही बराबर टाइम देते थे, पर तेजू रोजाना, ज्यादा पेड़ काटता था, और धीरू कम पेड़ काट पाता था। शाम को घर जाते समय तेजू तो चुस्त रहता, पर धीरू बहुत ही सुस्त और थका हुआ।

आखिर एक दिन, धीरू ने तेजू से पूछ ही लिया, की भाई क्या कारण है की, तुम ज्यादा पेड़ काटते हो, और फिर भी चुस्त और बिना थके रहते हो.

तेजू ने बताया, मैं एक पेड़ काटने के बाद, अपनी कुल्हाड़ी की धार फिर से तेज करता हूँ, और फिर अगला पेड़ काटता हूँ.  इससे पेड़ काटने से, मुझे जो थकान होती है, वो भी खत्म हो जाती है साथ ही, कुल्हाड़ी की धार तेज होने से, अगला पेड़ काटने में कम मेहनत लगती है। इसतरह पूरे दिन मैं  काम करता हूँ और थकान भी उतर जाती है।

तो अपने जाना की, लगातार सिर्फ काम करते रहना, हमारी तरक्की के लिए काफी नहीं हैं, हमें समय-समय पर अपने ज्ञान की धार को तेज करते रहना चाहिए, यानि अपने ज्ञान को बढ़ाते रहना चाहिए.

हम जो भी काम कर रहें होते हैं, उसमे ऐसा तरीका जरूर होता है, जो उस काम को, और बेहतर, और कम समय में करने वाला होता है, बस जरूरत है, उसे जानने की।
-संजय माँकण