Monday, 10 February 2014

Income & Business

कमाएँ हर दिन

१- क्या उधार देना व्यापार में जरूरी है ? 
 - अगर आप भी उधार दे रहें हैं और वो पहले 1000  फिर 2000 , फिर 10000 और फिर 50000 हो रहा है
    और आप सोच रहें है कि आपका व्यापार बढ़ रहा है तो सोचे -
        इसतरह आपके 50000 उधार पर - कोई और व्यापार कर रहा है - और उसने अपने पैसे भी  नहीं लगाये 
               याद रखें - आपकी असली कमाई तभी होगी - जब आपको काम के पूरे पैसे मिल जायेंगे
        - इसलिए काम  पूरा होते ही - अपने पैसे जल्द से जल्द प्राप्त करें - उसे लेने में लापरवाही न करें
         जितना बड़ा उधार होगा - आपका व्यापार उतना ही कमजोर होता जायेगा - और आप दुखी

२- अगर आप अपने घर से व्यापार कर रहें है तो इन बातों का ध्यान रखें 
      - आपको किराया नहीं देना होता - पर अगर आप कहीं बाहर होते तो किराया देना ही पड़ता
      - इसलिए अपनी कमाई में से किराये जितनी रकम अपने बैंक में जमा करतें रहें - 
      - बिजली - टेलीफोन का बिल भी अगर घर पर नहीं दे रहें-  तो उसे भी बैंक में जमा करतें रहें 
      - तभी आप सही मायने मे  तरक्की कर सकेंगे

३- व्यापार में सबसे  जरूरी -  व्यापारी कि जबान यानि वचन बद्धता होती है
          कस्टमर को काम पूरा करने का - जो भी समय दें - सोच समझ कर दें - और समय पर जरूर पूरा करें 
          वर्ना ऐसा समय न ही दें जिसे आप पूरा न कर सकें -
                                   और इसी से आपकी पहचान भी बनेगी - अच्छी या बुरी 

४- क्या आप जानते है ?  कि कोई काम आसान और कोई काम मुश्किल क्यों होता है
     - जो काम आपको आता है वो आसान होता है 
     - जो काम आपको नहीं आता - वो मुश्किल होता है 
         इसलिए जो काम मुश्किल लगे - उस काम को जानने वाले से संपर्क करें 
      - या तो उस काम को सीख लें  -   या उस काम के पैसे देकर किसी से करवा लें - 
                इससे आपका कभी नुक्सान नहीं होगा- और मुनाफा भी बढ़ेगा

५- व्यापार लाभ और हानि पर निर्भर करता है 
    इसलिए अपने काम को इतने ध्यान से करें - बार बार चैक करके करें - कि नुक्सान होने न पाये
            क्योंकि लाभ होने पर आपकी समृद्धि है - और हानि होने पर गरीबी














DTP & Designing Work- काम करने का पक्का तरीका

your DTP & Designing work

आपके दिन कि शुरुआत -

१- आपने कस्टमर से काम समझा

२- अपने कारीगर को कहा, कि इस कस्टमर का काम, आज शाम को देना है

३- आप मार्किट निकल गए, अन्य काम करने के लिए

४- शाम को कस्टमर का फ़ोन आता है - मेरा प्रिंटिंग का सामान दे दो

तब आप - अपने कारीगर को पूछते हो - इस कस्टमर के काम का क्या हुआ 

और कारीगर बताता है -  काम नहीं हुआ क्योंकि 

१- पेपर नहीं आया था   या 

२- प्रिंटिंग इंक ख़तम हो गयी थी  या 

३- गलत सामान पर छप  गया  

अब  आप परेशान - इधर कस्टमर नाराज - उधर आपकी कारीगर से तू- तू- मैं-मैं  - 

और कमाई  बाबाजी का ठुल्लु 
पर अब से ये नहीं होगा ! अगर आप इन बातों का ध्यान रखें 

1-  पक्की बात करना - confirmation
यानि की ऐसा न हो जिससे आप बात करें - उसका ध्यान आप पर हो ही नहीं -
                                              आप अपनी बात कह कर चले जाएँ और बात किसी ने सुनी ही ना हो

   - अपने कारीगर या किसी से  भी जब बात करें - आमने सामने होकर बात करें - और पूछे उसने क्या समझा

जैसे मोबाइल पर किसी को नंबर देते हैं और देने के बाद पूछते हैं कि क्या नंबर लिखा है - वास्तव में यही पक्की बात है अगर आप ऐसे करतें हैं तो काम पक्का होगा और नुकसान बिलकुल भी नहीं 

     -  जितना हो सके लिख कर - या लिस्ट बना कर काम करें - और कारीगर के सामने रखें
     - हो सके तो बोर्ड दिवार पर लगाएं

 
    -   अपने स्टाफ को या कारीगर को साफ़-साफ़ कह दें - किसी भी वजह से काम रुके -
         आपको फ़ोन करके उसी समय बताया जाये न कि शाम को पूछने पर 

  
कस्टमर को सही समय दें 
       - ऐसे ही न कहें - शाम को हो जायेगा - कल ले लेना - जब भी कोई टाइम दें - उसे पहले कैलकुलेट करें - 
           जैसे छापना - बाइंडिंग करना - जॉब सूखना -आदि सोच विचार करने के बाद -
                                                                                                    डिलीवरी का टाइम कस्टमर को दें 

      - कस्टमर को जरूर कहें कि अपने मैटर को अच्छी तरह चेक कर लें - कहीं कोई गलती न रह जाये 
     - अगर आप बार बार ऊपर कही बातें कहते रहते हो तो कस्टमर भी - आपको बाद में परेशान नहीं करेगा 
     - कस्टमर से प्रूफ पर साइन करवा कर - जॉब छपने को दें

    - अगर किसी वजह से - आप टाइम पर काम नहीं दे पाएंगे -
                                          तो तुरंत कस्टमर को फ़ोन करें और बताएं  कि अब नया समय क्या होगा

    -  इस तरह कस्टमर नाराज नहीं होता बल्कि आपका साथ देता है 

          ( पर आप ऐसा नहीं करते तो क्या होगा - कस्टमर आपको फ़ोन करेगा - आप आना कानी करेंगे - फ़ोन नहीं उठाएंगे - किसी और को फ़ोन देकर झूठ बुलवायंगे - ये सभी बातें कस्टमर को परेशान करेंगी , और आप पर कस्टमर का भरोसा तोड़ेंगी )

      
ऊपर लिखी बातों पर अगर आप अमल करते है तो यकीन माने - कस्टमर आप पर ज्यादा भरोसा करेगा 
खुद आपको भी अपने पर विश्वास बढ़ेगा - और आपका व्यापार भी बढ़ेगा






Saturday, 8 February 2014

Learn CorelDRAW in Hindi - ये कोर्स क्यों करें ?

ये कोर्स क्यों करें ?


आप चाहे अपने घर पढ़ें - या बाहर इंस्टिट्यूट में

ये जान लें - सीखना आपने है - -अब आप छोटे बच्चे नहीं है की 

- टीचर आपके सिर पर खड़ा हो - तभी आप पढ़ेंगे 

अब जो आप सीख रहें है - वो आपकी तरक्की के लिए है - 


DTP - PRINTING - DESIGNING ये ऐसी फिल्ड है जहाँ हर कोई काम कर सकता है और कमाई कर सकता है  चाहे वह गृहणी हो, स्टूडेंट हो, टाइपिस्ट हो, रिटायर्ड व्यक्ति हो, 

शादी कार्ड, विजिटिंग कार्ड, लैटर पैड, होर्डिंग, बैनर, पैकेजिंग, प्रोजेक्ट्स, पोस्टर, हैंडबिल, एडवरटाइजिंग, Brochure, Flyer, Catalog, Book Cover इन सभी के लिए डिजाइनिंग कि जरूरत होती है। 

डीटीपी ऑपरेटर को सिर्फ  5 हजार से 7 हजार तक वेतन मिल पाता है जो  बिल बुक, बायोडाटा  या टाइपिंग का ही  काम करता हैं

पर ग्राफ़िक डिज़ाइनर को 12 से 25 हजार तक वेतन मिलता है। क्योकि वो कलर डिजाईन का काम करता है जैसे - कलर विजिटिंग कार्ड, कलर पैड, होर्डिंग बैनर, पम्प्लेट, हैंडबिल, कैलेंडर, brochure इत्यादि 

इस कोर्स में SPECIALLY आप ADVANCE डिजाइनिंग करना सीखतें  हैं वो सभी तरीके सीखतें है, जिससे कम समय में, बेहतरीन कलर डिजाईन बना सकें। 

इस कोर्स में CORELDRAW और PHOTOSHOP के टूल्स की जानकारी तो आपको मिलती ही है साथ ही, प्रोफेशनल कलर डिजाइनिंग आप सीखतें  है। 

जिससे आप, अपनी मार्किट में, अपनी खास पहचान बना पातें हैं और ज्यादा तरक्की कर सकतें हैं। 


ये कोर्स घर पर क्यों सीखें ? - 

1 - इंस्टिट्यूट क्यों जाते हैं. - हमारा नुक्सान कैसे होता है 

- पहले कंप्यूटर बहुत महँगे  होते थे 
- इसलिए  इंस्टिट्यूट में जाकर वहां के कंप्यूटर पर सीखते और मार्किट में नौकरी कर पैसा कमाते थे 
- पर अब कंप्यूटर सस्ते हो चुके हैं 
- पर इंस्टिट्यूट की फीस अभी भी बहुत ज्यादा होती है 

-आप सभी  लोग काम करते हैं - और अपने काम को और बढ़ाने के लिए- अपनी तरक्की के लिए  ट्रेनिंग लेते हैं 

- ट्रेनिंग के लिए इंस्टिट्यूट ये सोच कर भी जाते हैं की  - वहां टीचर सिखायगा और हम सीखेंगे

- यानि ये सोचते हैं की कोई हमसे काम करा लें - हम खुद तो करेंगे नहीं  

- पर हकीकत में - अब आप इतने बड़े हो चुके हो की - किसी का दबाव या जोर नहीं मानोगे

-  अब शुरू होती है असली परेशानी - आपके काम का समय और क्लास का  समय दिन का ही होता हैं 

- आप अपने काम के समय के बीच में - क्लास करने जायँगे - या शाम के समय - या सुबह सुबह

- डिजाइनिंग के काम में - प्रैक्टिकली शाम को कस्टमर ज्यादा होते - क्योंकि वो भी अपना काम से फ्री हो कर 
- आपके साथ बैठ सकते हैं तो शाम की  क्लास आपके लिए  मुश्किल हो जाती है या यानि  क्लास बार बार छूटेगी -  मतलब  नुक्सान 

- यही समस्या सुबह की क्लास में होती है - क्योंकि दिन भर काम कर और रात को देर तक काम करने के बाद  सुबह सुबह क्लास करना - ये भी मुश्किल ही हो जाता हैं 

- अब बचा बीच का समय - तो दिन में  बीच में जाना - यानि अपना काम लेबर पर छोड़ना - ये तो और भी मुश्किल और नुक्सान वाला काम होता है 


- अब  जो प्रैक्टिस हमें करनी है उसे  करने में लापरवाही करते हैं 

- जहाँ टीचर ने  दो तीन बार कहा की आपने  प्रैक्टिस नहीं की -

- आप जाना छोड़ देते हो - और फिर वो कोर्स अधूरा  छोड़ देते हो - 

- इसतरह नौकरी या अपना काम करने वाले को - अपनी बहुत सी क्लास छोड़नी पड़ती है और भरी फीस का नुक्सान उठाना पड़ता हैं 


2 - ये ट्रेनिंग कैसे अपने कंप्यूटर पर ही सीखेंगे और आसानी से सीखेंगे 

ये बिलकुल ऐसे है जैसे मैं खुद आपके पास आकर आपको सीखा रहा हूँ 
   
इसे ऐसे समझें - अगर मैं आपके पास आपको सीखा रहा होता तो - 

- आपको  Computer पर कुछ करके दिखाता - 

- तब आप  computer screen को देखते हैं और मेरी यानि  सीखाने वाले की सिर्फ आवाज ही सुनते हैं, 

- उसके बाद, जैसे देखा था वैसे ही, आप खुद से करके सीखते

   - पर मेरे चले जाने के बाद अगर आप  कुछ भूल जाते तब 


-  अगले दिन की क्लास में आप मुझसे पूछते -

- पर अगर मैं हर क्लास के बाद आपको उस क्लास की रिकॉर्डिंग करके आपको दे जाता तो 

- तो आप रात को आराम से कभी भी उस विडियो को चला कर वह बात सीख लेते 

- और सबसे अच्छी  बात - जब कोर्स पूरा हो जाता तब भी वो विडियो आपके काम आते। 

- बस इसी तरह हमारी ट्रेनिंग विडियो में हैं - हिंदी में  है 

- अब मुझे भी आपके पास रोज आने की जरूरत नहीं 

- इससे फीस कम  यानि खर्च कम  - पर ट्रेनिंग की क्वालिटी वही की वही 

- और टीचर भी एक -  यानि मैं 

अब कुछ भी समझना आसान और कोई क्लास का बंधन भी नहीं - जब चाहो तब सीखो 


3 - अब बात आती है की जब मैं - आपके पास होता और  कुछ समझ नहीं आता तो - पूछ लेते - उसका क्या 
इस ट्रेनिंग में भी - आपको कुछ समझ नहीं आये तो 

- आप मुझे ईमेल ( info.proway@gmail.com ) कर सकते हैं  ( ईमेल करना ट्रेनिंग में सिखाया है )

- आप मुझे फ़ोन ( 09311226033 ) करके पूछ सकते हैं 

   अगर फिर भी समझने में परेशानी हो तो 

-  teamviewer software से मैं आपके कंप्यूटर पर  - आपको समझा सकता हूँ 

  (teamviewer ऐसा FREE सॉफ्टवेयर है जो आप कंप्यूटर पर डाल ले तो - मैं आपके कंप्यूटर को देख सकता हूँ यानि आप कंप्यूटर पर जो कर रहें है  उसे देख सकता हूँ और करके दिखा भी सकता हूँ।  इसके लिए इंटरनेट की जरूरत होगी।  

ये सॉफ्टवेयर लेने के लिए  google.com पर जाकर Teamviewer सर्च करें या इस लिंक पर क्लिक कर डाउनलोड कर सकते हैं       
 https://www.teamviewer.com/hi/index.aspx

तो इस तरह आप अपने ही घर या ऑफिस में - आसानी से अपने ही टाइम पर सीख सकतें हैं। 

और आपको कहीं आने-जाने कि जरूरत नहीं होती, आने - जाने का खर्च और समय भी बच जाता है


चाहे अपने घर पढ़ें या बाहर इंस्टिट्यूट में- पैसा आप खर्च करते हैं  
जान लें  - सीखना आपने है - अब जो आप सीख रहें है - वो आपकी तरक्की के लिए है 
-अब आप छोटे बच्चे नहीं है की - टीचर आपके सिर पर खड़ा हो - तभी आप पढ़ेंगे 

यह कोर्स औरो से कैसे अलग है ( इसमें क्या खास बात है ?)

- ये कोर्स 15 साल के अनुभवी द्वारा बनाया गया है,

- इसमें वह सीखतें है जो मार्किट में काम आता है, 

- आप ग्राफ़िक डिजाइनिंग तो सीखते ही हैं साथ ही व्यवहारिक ज्ञान भी सीखते हैं 

    जिसमे कस्टमर से कैसे बात करते हैं, 
    आप मार्किट में औरों से अलग पहचान कैसे बनायेंगे 
    आखिर कोई आपको काम क्यों दे जबकि पहले से ही आपसे सीनियर लोग काम कर रहें हैं. 
   अपना काम कैसे प्रचारित करना है 
    मशीन और वर्कर्स को कैसे चुनें  - उनसे काम कैसे कराया जाय -  एक अच्छा माहौल कैसे बनाया जाये

    आपको जानकारी देते हैं की क्या करने से नुक्सान होगा - और कैसे फायदा 

- बार बार पूछने की जरूरत नहीं होती - जो समझ नहीं आ रहा - उस वीडियो को बार - बार देख सकते हैं 

- आप अपने टाइम पर सीख सकते हैं 
   (सुबह - रात को - आधी रात को - दिन में कभी भी - यानि कोई बंधन नहीं ) 

सीधी बात कहें तो जिसके मार्किट में पैसे मिल सकें या आप कमाई कर सके
ऐसे काम आप इस ट्रेनिंग में सीखते हो -


- इसमें CorelDRAW के टूल ही  नहीं बल्कि सबसे जरूरी  Colour designging सीखतें हैं 

- इसमें हर तरह के designging सीखाने के लिए - हर फिल्ड में designing सिखायी गयी है 

- इसमें अनुभवी ट्रेनर द्वारा सीखते हो - बार-बार टीचर बदलने की परेशानी नहीं होती। 

- विडियो ट्रेनिंग के वजह से - भूल जाने पर, पूछने के झंझट से बचते हैं साथ ही
   बार-बार विडियो देखने से समझना आसान हो जाता है। 


- फीस औरो के मुकाबले बहुत कम होने से आप पर खर्च का बोझ नहीं पड़ता यानि affordable होती है। 

- इस कोर्स से सीख कर आप नौकरी या व्यापार करके अपनी कमाई बढ़ा सकतें हैं। 

इस तरह ये ट्रेनिंग, आपके पैसे की पूरी कीमत, आपको वसूल कराने वाली है। 

Friday, 7 February 2014

अभी नहीं - मतलब तरक्की भी नहीं


अभी नहीं - मतलब तरक्की भी नहीं

हम सभी अभी नहीं- का इस्तेमाल करतें हैं

जानतें हैं ऐसा क्यों होता है ?

"हे भगवान् मेरी लाटरी निकाल दो", पर लाटरी टिकट लेने के लिए जाना हो तो  - अभी नहीं

"मैं अपने शरीर को फिट रखूँगा - सुबह जल्दी उठूंगा ", पर सुबह उठना हो तो  - अभी नहीं

"मैं कुछ नया सीखूंगा - इससे  मेरी कमाई जरूर बढ़ेगी पर - अभी नहीं

"मैं  अपना काम शुरू करूँगा ", पर काम शुरू करने का सामान जुटाना हो तो  - अभी नहीं

"मैं नयी नौकरी ढूंढूंगा ", जब इंटरव्यू पर जाना हो तो  - अभी नहीं

"मैं नया सूट सिलवाऊंगा - टशन मारूंगा ", पर पहले और कमा ले, या फिट हो जाऊ तब पर - अभी नहीं

अपने बीते समय को पीछे मुड़ कर देखें तो हम सभी - अभी नहीं - का इस्तेमाल करके अपने निर्णय टालते रहें हैं।

जी हाँ - अभी नहीं का मतलब - अपने निर्णय को टालना - या तय न कर पाना होता है।

अब सोचें - आपने जितने भी काम अबतक टालें हैं अगर उन्हें  टाला ना  होता तो, जैसे कि-

अगर अच्छा पढ़ गया होता तो - आज जिंदगी कुछ और होती
अगर वो कोर्स कर लिया होता तो - आज से ज्यादा कमा रहा होता -
अगर वो नौकरी कर ली होती तो आज फॉरेन कंट्री होता -
अगर english speekaing कर ली होती तो सबकी छुट्टी कर देता --और भी न जाने क्या-क्या हो सकता था

मगर फिर भी होता है - अभी नहीं

अब बात आती है कि - आखिर हम टालते क्यों हैं -

क्योंकि हम असफल होने से डरते हैं - नुक्सान के होने से डरते हैं - या यूँ कहें अपने आप को डरा कर रखते हैं

अपने आप को अंदर तक ये समझा रखा है कि कुछ करो मत,

बस चुपचाप बैठे रहो-  कुछ करना नहीं है,  क्योंकि करा तो

या तो तरक्की होगी या असफल, तरक्की होगी वो ठीक है पर असफल नहीं होना इसलिए

अभी कुछ न करो, टाल दो मतलब - अभी नहीं 

आपने जाना - जब किसी काम को करने से - तरक्की भी हो सकती है और असफल भी तो

सिर्फ असफल होने का डर हमने रख लिया और तरक्की होने के आत्मविश्वास को छोड़ दिया 

इस तरह हमने खुद से, असफलता को चुन कर अपने साथ रखा है और तरक्की को छोड़ रखा है

तो बताइये - तरक्की कैसे हो।

अब जाने - असफलता से कैसे जीतें 

1 - अगर कोई रेस हो रही हो और उसमे आप भी दौड़ रहें हो  पर  रेस आधी में छोड़ देते हैं कि
     मेरे से नहीं होगा तो - वास्तव में ये है असफलता

2  - अगर कोई रेस हो रही हो और उसमे आप भी दौड़ रहें है पर रेस में आप पीछे रह जाते हैं
      मगर यहाँ आपने  रेस पूरी  की - अब ये असफलता नहीं हैं

यहाँ जरूरी बात ये है कि आपने ये रेस पूरी की थी। ये बात आपका आत्मविश्वास हमेशा बढ़ाएगी 

परन्तु ऊपर वाली स्थिति में आप अपने आप को दोषी मानेंगे कि काश रेस पूरी कर लेता 

      हर असफलता से  आप ये समझ पातें हैं कि क्या कमी रही और

       उस कमी को दूर कर आप फिर से तैयारी करते हैं

      और ये बात आपको मजबूत  बनाती है

       इसका मतलब -  हर असफलता से - आप अपनी कमियों को जानते हैं उन्हें दूर करते हैं
     
       और  यही  बात आपको जीत जरूर दिलाती है। मतलब आपको तरक्की जरूर दिलाती हैं।

वास्तव में हम कोई भी काम ऐसे ही नहीं करते - 

बल्कि पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लेते हैं, 

दोस्तों रिश्तेदारों से उसके बारे में बातें करते हैं  -और खूब जांच परख करते हैं 

पर उसके बाद भी - अभी नहीं - यानि निर्णय नहीं लेते - ऐसे है जैसे रेस आधी छोड़ दी हो 

हम ज्यादातर निर्णय डर या मजबूरी के प्रेशर में लेते हैं जैसे -

बिजली बिल 3 दिन में जमा नहीं किया तो बिजली कट जायगी - तुरंत जमा होगा
लोन क़िस्त टाइम से जमा नहीं कि तो - मांगने वाले घर आ जायेंगे   - तुरंत जमा होगा
स्कूल फीस समय पर जमा नहीं कि तो - नाम कट जायेगा   - तुरंत जमा होगा
पूरे महीने काम नहीं किया पर नौकरी जाने का डर  आया तो - एक दिन में काम हो जायेगा
सामान मंगवाया पर नहीं लाये - जैसे ही कहा गया कि आज नहीं आया तो खाना नहीं बनेगा तो -तुरंत आयेगा

इसका मतलब - जब कोई टाइम दिया हो तो वो काम का निर्णय हम सबसे पहले लेते हैं

वर्ना हम उसे टालते रहते हैं और इसी को आदत बना लेते हैं -

अब जब भी - पूरी जानकारी ले ली हो, - जाँच परख लिया हो - फिर भी आये - अभी नहीं 

तो आप एक टाइम लिमिट बनाये - सोचे कि इसे जरूर पूरा करूँगा - आधी रेस मैं  नहीं छोडूंगा 

फिर देखें आपको कभी नहीं कहना होगा काश--------

आपकी  सफलताओं का शुभेछुक
संजय माकड़ 
9311226033 
www.CDRhindi.in










Wednesday, 5 February 2014

Dealer Application Form

डीलर बने - घर बैठे कमाएँ 
आप केवल Rs. 25,000/- के छोटे निवेश से किसी भी एक शहर के डीलर बन सकते हैं 
और  स्पेशल डीलर डिस्काउंट  से अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं। 


किसी एक शहर में डीलर बनने के लिए कुल  Rs 25,000/-  से आप डीलर बन सकते हैं. 
जिसमे 10 ट्रेनिंग सेट और डीलर फीस शामिल है 
डीलर बनने के बाद - आप अपने शहर में - हमसे कम रेट पर ट्रेनिंग दे सकेंगे -  

आपके कस्टमर हो सकते हैं - प्रिंटिंग प्रैस - डिजाइनिंग शॉप - मैनेजमेंट  इंस्टिट्यूट स्टूडेंट्स - साइबर कैफ़े - डीटीपी ऑपरेटर - फ्लेक्स-vinyl  प्रिंटिंग शॉप - Schools - Colleges - बुक शॉप - ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट आदि

उपरोक्त सेट आप अपनी सुविधा अनुसार कभी भी बेच सकते हैं महीने में या अधिकतम 1 साल में , पर जितना जल्दी सेल करेंगे, उतना ज्यादा आपको फायदा होता है, और आपके पैसे भी नहीं फँसते। 

नियम व शर्तें :
1-  डीलर बाद में - जब और ट्रेनिंग सेट आर्डर करेगा,
      तो कम से कम 4  ट्रेनिंग सेट एक साथ अवश्य लेने होंगे।

2- डीलर अपने शहर में, कम या ज्यादा जो भी चाहे रेट दे सकता है। 

3  - डीलर बनने की तारीख से 6 महीने तक, कम से कम 10 ट्रेनिंग सेट बेचने अनिवार्य है 
      ऐसा ना होने पर डीलरशिप कैंसिल हो जायगी और जो भी ट्रेनिंग सेट डीलर के पास है
     उनके पासवर्ड भी नहीं मिलेँगे और 
 ना ही कोई रकम (amount ) वापिस (रिफंड) होगी 


4- डीलर सिर्फ अपने शहर में ही ट्रेनिंग बेच सकता है
     अगर किसी अन्य शहर में ट्रेनिंग बेचना चाहता है तो
    उसकी डीलरशिप अलग से लेनी होगी यानि उस शहर कि डीलर फीस और
    सेट अलग से लेने होंगे 

5  - कोई भी डीलर, किसी अन्य डीलर के शहर में ट्रेनिंग बेचता है तो 
      पता चलते ही तुरन्त उसकी डीलरशिप कैंसिल हो जायगी,
      और जो भी ट्रेनिंग सेट उसके पास है उनके लिए कोई पासवर्ड नहीं मिलेगा
      ना ही कोई रकम (amount ) वापिस (रिफंड) होगी 

6- डीलर बनने के बाद, हमारी वेबसाइट पर डीलर का
     नाम, पता फोन दिया जायेगा, जिससे डीलर के शहर
     
में अगर कोई ट्रेनिंग लेने चाहता है तो वह उस शहर के डीलर से ही ले। 

7 - डीलर को उसका एक कोड दिया जायेगा, ट्रैनिंग बेचने के बाद प्रत्येक डीलर इस कोड को
     अपने कस्टमर को  बताएगा - और कस्टमर की डिटेल
     हमें मेल करेगा  info.proway@gmail.com 
8- ट्रेनिंग लेने वाला कस्टमर, जब पासवर्ड के लिए हमें मेल करेगा तो
     डीलर कोड साथ में जरूर भेजना होगा- आपके कस्टमर को  तभी 
पासवर्ड मिलेगा।
     जब आप उस कस्टमर की डिटेल हमें मेल कर देंगें -यानि आपकी सहमति होगी
   
9  - उपरोक्त डीलर price या नियम सरकारी कारणों या किसी अन्य कारणों से,
     कभी भी बदले जा सकते हैं जिसकी सूचना आपको मेल पर दी जायगी।
किसी भी प्रकार के अन्य  जानकारी के लिए संपर्क  करें -
Regards
Sanjay Makar
Proway Training Solutions
93 11 22 6033

डीलर बनने के लिए निम्न फॉर्म भरें
किसी भी प्रकार की  अन्य  जानकारी के लिए संपर्क  करें -

संजय माकड़ - 0 93 11 22 60 33
E-mail : info.proway@gmail.com